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Ali Nazim Adam
nahin mujh ko koi shikwa nahin koi shikaayat hai
nahin mujh ko koi shikwa nahin koi shikaayat hai | नहीं मुझ को कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत है
- Ali Nazim Adam
नहीं
मुझ
को
कोई
शिकवा
नहीं
कोई
शिकायत
है
जिसे
अपना
बनाना
है
उसे
अपना
बना
लो
तुम
- Ali Nazim Adam
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दिल
की
तकलीफ़
कम
नहीं
करते
अब
कोई
शिकवा
हम
नहीं
करते
Jaun Elia
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'शाद'
ग़ैर-मुमकिन
है
शिकवा-ए-बुताँ
मुझ
से
मैं
ने
जिस
से
उल्फ़त
की
उस
को
बा-वफ़ा
पाया
Shaad Arfi
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फिर
न
कीजे
मिरी
गुस्ताख़-निगाही
का
गिला
देखिए
आप
ने
फिर
प्यार
से
देखा
मुझ
को
Sahir Ludhianvi
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वैसे
एक
शिकवा
था
तुम
सेे
अच्छा
छोडो
ईद
मुबारक
Zubair Ali Tabish
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न
कोई
गिला
है,
न
तुम
से
ख़फ़ा
है
ग़मे-दिल
की
अब
के
न
कोई
दवा
है
Sukeshini Budhawne
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बैठ
कर
बात
की
और
जुदा
हो
गए
कोई
शिकवा
नहीं
कोई
झगड़ा
नहीं
Shariq Kaifi
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कैसे
कहें
कि
तुझ
को
भी
हम
से
है
वास्ता
कोई
तू
ने
तो
हम
से
आज
तक
कोई
गिला
नहीं
किया
Jaun Elia
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इन
चराग़ों
में
तेल
ही
कम
था
क्यूँँ
गिला
फिर
हमें
हवा
से
रहे
Javed Akhtar
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फिर
वही
रोना
मुहब्बत
में
गिला
शिकवा
जहाँ
से
रस्म
है
बस
इसलिए
भी
तुम
को
साल-ए-नौ
मुबारक
Neeraj Neer
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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जहाँ
वाले
चुरा
लेंगे
तुम्हें
मुझ
सेे
मिरी
लैला
किसी
महफ़ूज़
ख़े
में
में
ज़रा
ख़ुद
को
छुपा
लो
तुम
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Ali Nazim Adam
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मैं
कभी
भूल
सकता
नहीं
आपको
मौत
को
भी
कोई
भूलता
है
भला
Ali Nazim Adam
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लोगों
को
अब
तो
चाहिए
दौलत
हराम
की
इज़्ज़त
को
कौन
मानता
है
अपने
काम
की
जिसको
भी
उसकी
आँख
ने
देखा
है
इक
दफ़ा
उसको
नहीं
कोई
भी
ज़रूरत
है
जाम
की
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Ali Nazim Adam
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इस
मोहब्बत
में
ख़सारा
है
मियाँ
बे-वफ़ाई
ना-वफ़ा
कुछ
भी
नहीं
Ali Nazim Adam
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मिरे
तिश्ना
लबों
को
तुम
ज़रा
सी
मय-कशी
दे
दो
तुम्हें
डरना
नहीं
है
अब
के
लब
से
लब
मिला
लो
तुम
Ali Nazim Adam
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