hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shaad Arfi
shaad ghair-mumkin hai shikwa-e-butaan mujh se
shaad ghair-mumkin hai shikwa-e-butaan mujh se | 'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से
- Shaad Arfi
'शाद'
ग़ैर-मुमकिन
है
शिकवा-ए-बुताँ
मुझ
से
मैं
ने
जिस
से
उल्फ़त
की
उस
को
बा-वफ़ा
पाया
- Shaad Arfi
Download Sher Image
किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
Read Full
Vishnu virat
Send
Download Image
40 Likes
नई
दुनिया
बनाऊँगा
मगर
मैं
अपनी
दुनिया
का
ख़ुदा
भी
इश्क़
में
खोया
हुआ
लड़का
बनाऊँगा
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
30 Likes
इश्क़
पहले
बना
था
जाने
जाँ
नींद
की
गोलियाँ
बनीं
थीं
फिर
Ashutosh Kumar "Baagi"
Send
Download Image
13 Likes
तेरे
वादे
से
प्यार
है
लेकिन
अपनी
उम्मीद
से
नफ़रत
है
पहली
ग़लती
तो
इश्क़
करना
थी
शा'इरी
दूसरी
हिमाक़त
है
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
67 Likes
इश्क़
का
ज़ौक़-ए-नज़ारा
मुफ़्त
में
बदनाम
है
हुस्न
ख़ुद
बे-ताब
है
जल्वा
दिखाने
के
लिए
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
39 Likes
आज
हम
दोनों
को
फ़ुर्सत
है,
चलो
इश्क़
करें
इश्क़
दोनों
की
ज़रूरत
है,
चलो
इश्क़
करें
Rahat Indori
Send
Download Image
143 Likes
राह-ए-दूर-ए-इश्क़
में
रोता
है
क्या
आगे
आगे
देखिए
होता
है
क्या
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
31 Likes
मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
46 Likes
दिल
से
निकलेगी
न
मर
कर
भी
वतन
की
उल्फ़त
मेरी
मिट्टी
से
भी
ख़ुशबू-ए-वफ़ा
आएगी
Lal Chand Falak
Send
Download Image
46 Likes
इश्क़
में
जी
को
सब्र
ओ
ताब
कहाँ
उस
से
आँखें
लड़ीं
तो
ख़्वाब
कहाँ
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
34 Likes
Read More
कटती
है
आरज़ू
के
सहारे
पे
ज़िंदगी
कैसे
कहूँ
किसी
की
तमन्ना
न
चाहिए
Shaad Arfi
Send
Download Image
38 Likes
अपने
जी
में
जो
ठान
लेंगे
आप
या
हमारा
बयान
लेंगे
आप
जुस्तुजू
क़ाएदे
की
हो
वर्ना
दर-ब-दर
ख़ाक
छान
लेंगे
आप
अहद-ए-हाज़िर
के
बाद
आएगा
वो
ज़माना
कि
जान
लेंगे
आप
यूँँंतो
ग़ुस्सा
हराम
है
लेकिन
रोज़
जब
इम्तिहान
लेंगे
आप
आप
को
मेहरबां
समझते
हैं
और
क्या
नाक
कान
लेंगे
आप
साफ़
कहिए
कि
चाहते
क्या
हैं
क्या
ग़रीबों
की
जान
लेंगे
आप
ये
हरीफ़ान-ए-कम-नज़र
ऐ
'शाद'
मुझ
को
इक
रोज़
मान
लेंगे
आप
Read Full
Shaad Arfi
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Tanz Shayari
Naqab Shayari
Qaid Shayari
Mehboob Shayari
Hausla Shayari