zindagi men yuñ hi muskuraate rahe | ज़िन्दगी में यूँँ ही मुस्कुराते रहे

  - Naviii dar b dar
ज़िन्दगीमेंयूँँहीमुस्कुरातेरहे
ठोकरोंकोभीहमआज़मातेरहे
कितनीआदतरहीग़मभुलानेकीभी
यादमेंग़मयूँँहीहमभुलातेरहे
प्यारमेंलिखगएदिलकेहालातहम
गीतऐसालिखागुनगुनातेरहे
मंज़िलोंकेनिशाँपाहीलेंगेकभी
रास्तोंमेंजहाँहमभीजातेरहे
रंजिशोंमेंकहाँहैजियाआदमी
नफ़रतेंहमदिलोंसेहटातेरहे
अबतोजीनेकीमुझकोहैफ़ुर्सतकहाँ
गीतकाग़ज़पेलिखतेमिटातेरहे
ख़ालीआतानज़रयेजहाँप्यारका
फिरभीक़िस्सेवहीयादआतेरहे
  - Naviii dar b dar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy