kabhi muflisi ke sataaye hue | कभी मुफ़्लिसी के सताए हुए

  - Naviii dar b dar
कभीमुफ़्लिसीकेसताएहुए
निगाहोंसेअक्सरगिराएहुए
कभीप्यारकोलोगजानेकहाँ
मिलेजोकभीथेपराएहुए
मेरीबातकोलाज़िमीकरगए
मुहब्बतकोजोआज़माएहुए
दिलोंमेंउसीकेरहाहीनहीं
मेराआशियाँथेबनाएहुए
अगरहाथमेराजोवोथामले
रखेहैंसितारेबिछाएहुए
मेरीभीतमन्नाकोदेखानहीं
वोबैठेथेजोमुस्कुराएहुए
यक़ींहैकिवोआएगाफिरकभी
'नवी'जिसकेसपनेसजाएहुए
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  - Naviii dar b dar
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