ishq ghar kar raha yuñ hi andar mere | इश्क़ घर कर रहा यूँँ ही अंदर मेरे

  - Naviii dar b dar
इश्क़घरकररहायूँँहीअंदरमेरे
ख़्वाबहैंभटकेसेअबयूँँदरदरमेरे
जबसेरूठाहैवोहरख़ुशीलुटगई
चाँदतन्हारहारातभरघरमेरे
हैसमझप्यारकीअबकिसीकोकहाँ
अबनिकलआतेहैंआँसूडरकरमेरे
बातकोमानकरजबभीबढ़तारहा
मंज़िलेंथींकहाँराहभरकरमेरे
उम्रभरअबयूँँतोहमतलगाएगावो
मुस्कुरानेकाइल्ज़ामहैसरमेरे
सारीदुनियाकोभीयूँँभुलादूँगामैं
सामनेआएवोजोनज़रभरमेरे
अबतोघरद्वारसबछोड़आएनवी
चारपैसेकमानेहुनरपरमेरे
  - Naviii dar b dar
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