hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nakul kumar
log to bas jismoon par banwaate firte hain lekin
log to bas jismoon par banwaate firte hain lekin | लोग तो बस जिस्मों पर बनवाते फिरते हैं लेकिन
- Nakul kumar
लोग
तो
बस
जिस्मों
पर
बनवाते
फिरते
हैं
लेकिन
तेरे
नाम
का
टैटू
मैंने
दिल
पर
बनवाया
था
- Nakul kumar
Download Sher Image
दोस्त
ने
दिल
को
तोड़
के
नक़्श-ए-वफ़ा
मिटा
दिया
समझे
थे
हम
जिसे
ख़लील
काबा
उसी
ने
ढा
दिया
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
16 Likes
रात
यूँँ
दिल
में
तिरी
खोई
हुई
याद
आई
जैसे
वीराने
में
चुपके
से
बहार
आ
जाए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
ज़िंदगी
भर
के
लिए
दिल
पे
निशानी
पड़
जाए
बात
ऐसी
न
लिखो,
लिख
के
मिटानी
पड़
जाए
Aadil Rasheed
Send
Download Image
97 Likes
हम
लबों
से
कह
न
पाए
उन
से
हाल-ए-दिल
कभी
और
वो
समझे
नहीं
ये
ख़ामुशी
क्या
चीज़
है
Nida Fazli
Send
Download Image
45 Likes
कैसा
दिल
और
इस
के
क्या
ग़म
जी
यूँँ
ही
बातें
बनाते
हैं
हम
जी
Jaun Elia
Send
Download Image
153 Likes
दिल
में
और
दुनिया
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
वक़्त
के
हमेशा
में
अब
नहीं
मिलेंगे
हम
Jaun Elia
Send
Download Image
61 Likes
तुम्हें
इक
मश्वरा
दूँ
सादगी
से
कह
दो
दिल
की
बात
बहुत
तैयारियाँ
करने
में
गाड़ी
छूट
जाती
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
120 Likes
झुकी
झुकी
सी
नज़र
बे-क़रार
है
कि
नहीं
दबा
दबा
सा
सही
दिल
में
प्यार
है
कि
नहीं
Kaifi Azmi
Send
Download Image
60 Likes
वही
शागिर्द
फिर
हो
जाते
हैं
उस्ताद
ऐ
'जौहर'
जो
अपने
जान-ओ-दिल
से
ख़िदमत-ए-उस्ताद
करते
हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
33 Likes
मसअला
फिर
वही
बे-घर
हुए
लोगों
का
है
हम
सभी
दिल
से
निकाले
कहाँ
तक
जाएँगे
Neeraj Neer
Send
Download Image
33 Likes
Read More
वक़्त
अब
मुझ
पे
मेहरबान
नहीं
अब
लबों
पे
तिरा
निशान
नहीं
मैं
लूँ
इज़्न-ए-विदा
मगर
वो
नज़र
ये
कहें
मुझ
से
मेरी
जान
नहीं
मेरी
बर्बादी
का
है
इक
ही
गवाह
और
उसका
भी
कुछ
बयान
नहीं
वो
मुसलसल
सदा
नहीं
रहती
जिस
मोहब्बत
में
इम्तिहान
नहीं
खो
गए
थे
किसी
हुज़ूम
में
सब
लौटे
तो
फिर
उन्हें
ज़बान
नहीं
मुंतज़िर
हैं
तिरे
लिए
वो
नज़र
और
तिरा
उस
पे
ही
धियान
नहीं
क्या
अजब
वाक़िआ
हुया
मिरे
साथ
जिसकी
कोई
भी
दास्तान
नहीं
Read Full
Nakul kumar
Download Image
3 Likes
कभी
उतरा
था
आसमाँ
मुझ
में
खो
गया
जाने
फिर
कहाँ
मुझ
में
जो
कभी
अपने
घर
नहीं
लौटा
है
उसी
शख़्स
का
मकाँ
मुझ
में
मुझ
को
ज़िंदा
कोई
नहीं
मिलता
रोज़-ओ-शब
उठता
है
धुआँ
मुझ
में
सब
ने
देखा
है
मुझ
में
इक
तालाब
कोई
दरिया
भी
है
रवाँ
मुझ
मैं
आज
वो
क़ीमती
है
इस
जहाँ
में
हो
गया
था
जो
राएगाँ
मुझ
में
ज़िंदगी
काट
दूँगा
तन्हा
मैं
इस
गुमाँ
का
भी
है
गुमाँ
मुझ
में
मुझ
सेे
गुज़री
थी
इक
बहार
कभी
ठहरी
है
अब
तलक
ख़िज़ाँ
मुझ
में
आपकी
याद
है
बसी
दिल
में
रोज़
आती
हैं
तितलियाँ
मुझ
में
चीख़ता
है
कोई
मेरे
अंदर
या'नी
अब
मैं
ही
हूँ
निहाँ
मुझ
में
Read Full
Nakul kumar
Download Image
2 Likes
सारी
शिकस्त
मेरी
मेरे
नसीब
से
हैं
वरना
तो
हम
कई
बेहतर
उस
रक़ीब
से
हैं
तलवार
से
नहीं
और
ख़ंजर
से
भी
नहीं
है
इन
ज़ख़्मों
का
त'अल्लुक़
मेरे
हबीब
से
हैं
तस्वीर
तक
अब
उसकी
देखी
नहीं
है
जाती
जिस
सेे
मिरे
मरासिम
इतने
क़रीब
से
हैं
अब
कौन
मस'अले
सुलझाएगा
इस
तरह
के
सब
मस'अले
यहाँ
के
बेहद
मुहीब
से
हैं
Read Full
Nakul kumar
Download Image
1 Like
आज
मेरे
साथ
चल
कर
देख
तो
रस्ता
बदल
कर
है
बहुत
ज़ालिम
ये
दुनिया
मत
जा
इस
दिल
से
निकल
कर
आज
फिर
से
दिल
लगा
नइँ
आ
गए
यूँँ
ही
टहल
कर
ग़म
बहा
कर
फ़ाइदा
क्या
ग़म
सजा
उनको
ग़ज़ल
कर
क्यूँँ
पुराना
लग
रहा
है
साथ
चल
लहजा
बदल
कर
वो
है
बे-हद
ख़ूब-सूरत
इश्क़
में
तू
ही
पहल
कर
मैं
बदल
दूँगा
ये
पहलू
देखना
फिर
हाथ
मल
कर
कोई
तन्हाई
में
आ
के
रोता
है
मुझ
से
निकल
कर
ग़ैर
आख़िर
ग़ैर
ही
है
साथ
रहना
तू
सँभल
कर
एक
ग़म
पैहम
रहा
है
हर
दफ़ा
मंज़र
बदल
कर
Read Full
Nakul kumar
Download Image
1 Like
बंजर
हूँ
तो
बंजर
ही
रहने
दो
मुझे
तुम
अब
मुझे
कोई
गुलिस्ताँ
मत
करो
तंग
आ
चुके
हैं
हम
तेरे
इस
इश्क़
से
तुम
छोड़
दो
हमको
परेशाँ
मत
करो
Read Full
Nakul kumar
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Hausla Shayari
Doctor Shayari
Beti Shayari
Bijli Shayari
Justice Shayari