एकदिनउसबेहयानेशब्दअनसुलझेकहे
माँनेजिसबेटेकीख़ातिरउम्रभरतानेसहे
दोघड़ीहैज़िन्दगीदो-चारपलखुलकेजियो
फिरकिसीकोक्यापताहैकौनकबकैसेरहे
लोगयेमँझधारमेंडूबेहैंफिरमारेगए
मानकरदुनियाकोसचबे-वक़्तजोबहतेरहे
हमभीतेरेसाथहैंकहकरगएदिखतेनहीं
अबतलकहूँसोचमेंअल्फ़ाज़येकिसनेकहे
लोगहैंवेहीसबबजोघरमेंहैवीरानगी
एकहीछतकेतलेकुछलोगजोघरमेंरहे