मानामैंइकशहज़ादीहूँ
जोक़ैदीहै
लेकिनमेरेदिलमेंशहज़ादेकीचाहकाकोईतीरनहींहै
मेरीआँखेंउसकीराहनहींतकतीहैं
फिरभीदेवकीक़ैदसेछुटकर
दूरहरेखेतों,नीलेदरियाओं,शफ़क़ीबादलों,गातेताएरों
ख़ुशबुओंसेलदेहुएझोंकोंकोछूनाचाहूँ
चूमनाचाहूँ
उनमेंघुल-मिलजानाचाहूँ
(मेरेशहज़ादे!मैंजानूँतूभीतोयेसबकुछकरनाचाहताहोगा)