har kisi dar pe kahaan sajda rawa rakhte hain | हर किसी दर पे कहाँ सज्दा रवा रखते हैं

  - Nafees Taqi
हरकिसीदरपेकहाँसज्दारवारखतेहैं
हममुवह्हिदहैंफ़क़तएकख़ुदारखतेहैं
वोकड़ीधूपमेंरहमतकीघटारखतेहैं
सरपेमाँबापकीजोलोगदु'आरखतेहैं
दाग़दामनपेनहींनक़्श-ए-वफ़ारखतेहैं
हममोहिब्बान-ए-वतनउजलीक़बारखतेहैं
ज़ख़्मजोतूनेदियादिलमेंसजारखतेहैं
लज़्ज़त-ए-कर्बकेनाख़ुनसेहरारखतेहैं
तुमतोफिरअपनेहोअपनोंसेअदावतकैसी
हमतोदुश्मनपेभीदरवाज़ाखुलारखतेहैं
जगमगाउठताहैतारीकमुक़द्दरउनका
ख़ूनअपनाजोचराग़ोंमेंभरारखतेहैं
  - Nafees Taqi
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