येफ़िक्र-ओ-फ़नकेफ़ित्नेलोगअबअक्सरउठातेहैं
उजालेमेंतोसुब्हारातमेंसाग़रउठातेहैं
नहींहैताक़त-ए-परवाज़लेकिनहौसलातोहै
निगाहेंआसमाँपेरखकेबाल-ओ-परउठातेहैं
येमानाहमनेसब्र-ओ-ज़ब्तकेआदीहैंहमलेकिन
सितमहदसेगुज़रजाएतोफिरख़ंजरउठातेहैं
कभीठोकरनहींखातेवोइसदुनिया-ए-फ़ानीमें
जोअपनाहरक़दममौलाकीमर्ज़ीपरउठातेहैं
हुआहैक़त्लमुफ़्लिसकेदिल-ए-अरमाँकादुनियामें
तमन्नाएँथीफूलोंकीमगरपत्थरउठातेहैं
ज़मानेकाचलनहैइसतरहबदलाहुआ'वाक़िफ़'
झुकाकेसरजोचलतेथेवहीअबसरउठातेहैं