hai talkh-tar hayaat is sharaab se | है तल्ख़-तर हयात इस शराब से

  - Naeem Raza Bhatti
हैतल्ख़-तरहयातइसशराबसे
तूइश्क़हारदेगाइज्तिनाबसे
कहानियाँदहकरहीहैंरातकी
बदनउलझरहेहैंमाहताबसे
ख़ुदा-ए-ख़्वाबख़ेमा-ज़नथाआँखमें
सोदिलचटख़रहाथाइज़्तिराबसे
मैंरौशनीकेबीजबोकेसोगया
चराग़उगरहेहैंकिश्त-ए-ख़्वाबसे
रफू-गरोहमऐसेख़स्ता-तनयहाँ
उधड़उधड़केआएँगेसराबसे
'रज़ा'येख़ुशबुओंकाज़ाइक़ानहीं
जोरिसरहाहैजिस्मकेगुलाबसे
  - Naeem Raza Bhatti
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