ghaur se mujh ko dekhta hai kya | ग़ौर से मुझ को देखता है क्या

  - Nadim Nadeem
ग़ौरसेमुझकोदेखताहैक्या
मेरेचेहरेपेकुछलिखाहैक्या
मेरीआँखोंमेंझाँकताहैक्या
तुझकोइनमेंहीडूबनाहैक्या
मेरेहोंटोंकोछूलियाउसने
क्याबताऊँमुझेहुआहैक्या
कबूतरज़राबतामुझको
उनकीछतपरभीबैठताहैक्या
परकटेपंछियोंसेपूछतेहो
तुममेंउड़नेकाहौसलाहैक्या
फ़ासलेइश्क़मेंहीहोतेहैं
तुझकोयेभीनहींपताहैक्या
मेरीदुनियामेंबसतूहीतूहै
अबबतातेराफ़ैसलाहैक्या
प्यारसेमाँगलीहैजानउसने
मेरेहिस्सेमेंअबबचाहैक्या
चलकहींदूरचलतेहैं'नादिम'
घरकोजानेमेंभीरखाहैक्या
  - Nadim Nadeem
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