dil mubtala-e-hijr rifaqat men rah gaya | दिल मुब्तला-ए-हिज्र रिफ़ाक़त में रह गया

  - Nadeem Bhabha
दिलमुब्तला-ए-हिज्ररिफ़ाक़तमेंरहगया
लगताहैकोईफ़र्क़मोहब्बतमेंरहगया
इसघरकेदोमकीनथेइकपेड़औरमैं
येहिज्रतोकिसीकीशरारतमेंरहगया
इकबारमनअ'करतीहुईशामसेतोपूछ
जोभीजुदाहुआवोहक़ीक़तमेंरहगया
मुमकिनथातुझकोछीनहीलेताजहानसे
लेकिनमैंक्याकरूँँमैंमोहब्बतमेंरहगया
अबतूहीमेरीख़ालीहथेलीकीलाजरख
मुझसेतोकोईफ़र्क़इबादतमेंरहगया
तुझपरहैकोईज़ोमख़ुदपरयक़ीं'नदीम'
कुछदिनकाहममेंप्यारतोआदतमेंरहगया
  - Nadeem Bhabha
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