har ek zakham ki shiddat ko kam kiya jaata | हर एक ज़ख़्म की शिद्दत को कम किया जाता

  - Nabeel Ahmad Nabeel
हरएकज़ख़्मकीशिद्दतकोकमकियाजाता
नमकसेकाममरहमकागरलियाजाता
दिलोंकाबोझदिलोंसेउतारनेकेलिए
येलाज़मीथागरेबानकोसियाजाता
ज़मानापाँवकीठोकरमेंभीसकताथा
सरोंकोअपनेउठाकरअगरजियाजाता
कमीआतीतिरेएहतिराममेंशाहा
किसीग़रीबकाहक़जोउसेदियाजाता
हमारीमौतभीहोतीबक़ाहमारी'नबील'
किप्यालाज़हरकाहाथोंसेगरपियाजाता
  - Nabeel Ahmad Nabeel
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