chaaron jaanib paagal-khaane lagte hain | चारों जानिब पागल-ख़ाने लगते हैं

  - Nabeel Ahmad Nabeel
चारोंजानिबपागल-ख़ानेलगतेहैं
मौसमऐसेहोशउड़ानेलगतेहैं
मलबागिरनेलगताहैसबकमरेका
जबतेरीतस्वीरजलानेलगतेहैं
घबराकेइसदौरकेवहशीइंसाँसे
दीवारोंकोराज़बतानेलगतेहैं
आँखउठाकरजबभीदेखूँपेड़ोंको
मुझकोमेरेदोस्तपुरानेलगतेहैं
ज़ेहनमेंमाज़ीजबभीघूमनेलगताहै
आँखमेंकितनेआँसूआनेलगतेहैं
दिलकेहाथोंहोकेहममजबूरसदा
अरमानोंकीलाशउठानेलगतेहैं
पत्थरजैसीदुनियाहैख़ुद-ग़र्ज़ीहै
उसकोक्यूँँकरदर्दसुनानेलगतेहैं
साथमिरेवोमिलकरचाँदसितारेभी
हिज्रमेंतेरेनीरबहानेलगतेहैं
यार'नबील'उन्हेंमैंजितनाभूलताहूँ
मुझकोयादवोउतनाआनेलगतेहैं
  - Nabeel Ahmad Nabeel
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy