aayi hai aise gham men ravaani parat parat | आई है ऐसे ग़म में रवानी परत परत

  - Nabeel Ahmad Nabeel
आईहैऐसेग़ममेंरवानीपरतपरत
बहनेलगाहैआँखसेपानीपरतपरत
बाँधाहैजबसेतेरेतसव्वुरकोशे'रमें
शे'रोंकेखुलरहेहैंमआ'नीपरतपरत
छायारहाहोजैसेबुढ़ापानफ़सनफ़स
गुज़रीहैऐसेअपनीजवानीपरतपरत
दिलकेवरक़वरक़पेतिरानामसब्तहै
इकतूहीधड़कनोंमेंहैजानीपरतपरत
गर्द-ओ-ग़ुबारग़मसेअटीहैफ़ज़ाफ़ज़ा
होतीथीकोईरुतजोसुहानीपरतपरत
लेकिनबनाक़ैसकीसूरतहमारानाम
सहराकीख़ाकहमनेभीछानीपरतपरत
कोईजवाज़देसकामेरीबातका
उसनेग़लतकहाहैज़बानीपरतपरत
यादेंदिलारहीहैसितमगरकीबारबार
मुझकोरुलारहीहैनिशानीपरतपरत
हासिलकरूँँगाजैसेभीमुमकिनहुआउसे
मैंने'नबील'दिलमेंहैठानीपरतपरत
  - Nabeel Ahmad Nabeel
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