अबजीहुदूद-ए-सूद-ओ-ज़ियाँसेगुज़रगया
अच्छावहीरहाजोजवानीमेंमरगया
पलकोंपेआकेरुकसीगईथीहरएकमौज
कलरोलिएतोआँखसेदरियाउतरगया
तुझसेतोदिलकेपासमुलाक़ातहोगई
मैंख़ुदकोढूँडनेकेलिएदर-ब-दरगया
शाम-ए-वतनकुछअपनेशहीदोंकाज़िक्रकर
जिनकेलहूसेसुब्हकाचेहरानिखरगया
आख़िरबहारकोतोजोकरनाथाकरगई
इल्ज़ाम-ए-एहतियातगिरेबाँकेसरगया
ज़ंजीरमातमीहैतुमऐआक़िलान-ए-शहर
अबकिसकोपूछतेहोदिवानातोमरगया