ab jee hudood-e-sood-o-zayaan se guzar gaya | अब जी हुदूद-ए-सूद-ओ-ज़ियाँ से गुज़र गया

  - Mustafa Zaidi
अबजीहुदूद-ए-सूद-ओ-ज़ियाँसेगुज़रगया
अच्छावहीरहाजोजवानीमेंमरगया
पलकोंपेकेरुकसीगईथीहरएकमौज
कलरोलिएतोआँखसेदरियाउतरगया
तुझसेतोदिलकेपासमुलाक़ातहोगई
मैंख़ुदकोढूँडनेकेलिएदर-ब-दरगया
शाम-ए-वतनकुछअपनेशहीदोंकाज़िक्रकर
जिनकेलहूसेसुब्हकाचेहरानिखरगया
आख़िरबहारकोतोजोकरनाथाकरगई
इल्ज़ाम-ए-एहतियातगिरेबाँकेसरगया
ज़ंजीरमातमीहैतुमआक़िलान-ए-शहर
अबकिसकोपूछतेहोदिवानातोमरगया
  - Mustafa Zaidi
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