mehfil men aaj marsiya-khwani hi kyun na ho | महफ़िल में आज मर्सिया-ख़्वानी ही क्यूँँ न हो

  - Munawwar Rana
महफ़िलमेंआजमर्सिया-ख़्वानीहीक्यूँँहो
आँखोंसेबहनेदीजिएपानीहीक्यूँँहो
नश्शेकाएहतिमामसेरिश्तानहींकोई
पैग़ामउसकाआएज़बानीहीक्यूँँहो
ऐसेयेग़मकीरातगुज़रनामुहालहै
कुछभीसुनामुझेवोकहानीहीक्यूँँहो
कोईभीसाथदेतानहींउम्र-भरयहाँ
कुछदिनरहेगीसाथजवानीहीक्यूँँहो
इसतिश्नगीकीक़ैदसेजैसेभीहोनिकाल
पीनेकोकुछभीचाहिएपानीहीक्यूँँहो
  - Munawwar Rana
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