hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Puneet Mishra Akshat
kitne dard saheje हमने,तब jaakar ye geet likhe hain
kitne dard saheje हमने,तब jaakar ye geet likhe hain | कितने दर्द सहेजे हमने,तब जाकर ये गीत लिखे हैं
- Puneet Mishra Akshat
कितने
दर्द
सहेजे
हमने,तब
जाकर
ये
गीत
लिखे
हैं
तुम
क्या
जानों
इन
नयनों
की
कितनी
पीर
पुरानी
होगी
- Puneet Mishra Akshat
Download Sher Image
जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
Send
Download Image
21 Likes
उतर
कर
आसमानों
से
ज़मीं
की
ख़ाक
पर
बैठो
ख़ुदा
ने
सब
सेे
ऊँची
आपको
मसनद
अता
की
है
Pawan mahabodhi
Send
Download Image
26 Likes
शब
भर
इक
आवाज़
बनाई
सुब्ह
हुई
तो
चीख़
पड़े
रोज़
का
इक
मामूल
है
अब
तो
ख़्वाब-ज़दा
हम
लोगों
का
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
गुज़रता
ही
नहीं
वो
एक
लम्हा
इधर
मैं
हूँ
कि
बीता
जा
रहा
हूँ
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
28 Likes
मैं
तो
मुद्दत
से
ग़ैर-हाज़िर
हूँ
बस
मेरा
नाम
है
रजिस्टर
में
याद
करती
हैं
तुझको
दीवारें
शक्ल
उभर
आई
है
पलस्तर
में
Read Full
Azhar Nawaz
Send
Download Image
44 Likes
दुनिया
के
ताने
सह
लेता
हूँ
इक
अच्छा
बेटा
कहलाना
है
Neeraj Neer
Send
Download Image
52 Likes
ये
काम
दोनों
तरफ़
हुआ
है
उसे
भी
आदत
पड़ी
है
मेरी
Shariq Kaifi
Send
Download Image
40 Likes
उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
Send
Download Image
69 Likes
शिकारी
से
बचने
में
कैसा
कमाल
निशाने
पे
रहना
बड़ी
बात
है
Shariq Kaifi
Send
Download Image
49 Likes
पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ
था
हर
नग़्मा-ए-कृष्ण
बाँसुरी
का
Hasrat Mohani
Send
Download Image
34 Likes
Read More
किसी
की
याद
में
इतना
रहा
हूँ
मिरी
आँखों
के
आँसू
मर
गए
हैं
Puneet Mishra Akshat
Send
Download Image
6 Likes
किसी
की
चंद
रातों
का
सुधाकर
हो
नहीं
पाया
तुम्हारी
उर्मियों
का
मैं,
उरन्तर
हो
नहीं
पाया
सरल
थीं
मन
की
प्रतिमाएं,
मगर
अफ़सोस
है
इतना
मैं
सब
कुछ
था
तेरा,
मेहंदी
महावर
हो
नहीं
पाया
Read Full
Puneet Mishra Akshat
Send
Download Image
8 Likes
नए
बरस
से
मुहब्बत
नहीं
करेंगे
हम
किसी
से
इश्क़
में
ये
आख़िरी
दिसंबर
है
Puneet Mishra Akshat
Send
Download Image
3 Likes
तुम्हारे
ख़्वाब
बिछड़े
आ
रहे
हैं
हमें
ये
बारहा
तड़पा
रहे
हैं
वहाँ
पर
तुम
किसी
से
मिल
रहे
हो
यहाँ
सिगरट
जलाए
जा
रहे
हैं
Read Full
Puneet Mishra Akshat
Send
Download Image
8 Likes
दिल
में
नफ़रत
थी
जली
हैं
बस्तियाँ
ले
गए
वो
सामने
से
अर्थियाँ
कह
गए
आँसू
मिरे
अल्फ़ाज
वो
जो
न
थीं
कह
पाई
ये
ख़ामोशियाँ
यूँँ
तमाशा
मत
करो
इस
प्यार
का
इस
तमाशे
पर
लगी
हैं
बोलियाँ
बेवज़ह
काटा
गया
है
ये
शज़र
रौंद
कर
इसको
गई
थीं
आँधियाँ
आपने
तन्हा
बनाया
है
मुझे
कुछ
तो
होंगी
आपकी
मज़बूरियाँ
हम
चमन
में
फिर
से
लाएँगे
अमन
मन्दिरों
मस्ज़िद
की
करके
सन्धियाँ
Read Full
Puneet Mishra Akshat
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aadmi Shayari
Berozgari Shayari
DP Shayari
Mehnat Shayari
Sharm Shayari