dil men nafrat thii jali hain bastiyaan | दिल में नफ़रत थी जली हैं बस्तियाँ

  - Puneet Mishra Akshat
दिलमेंनफ़रतथीजलीहैंबस्तियाँ
लेगएवोसामनेसेअर्थियाँ
कहगएआँसूमिरेअल्फ़ाजवो
जोथींकहपाईयेख़ामोशियाँ
यूँँतमाशामतकरोइसप्यारका
इसतमाशेपरलगीहैंबोलियाँ
बेवज़हकाटागयाहैयेशज़र
रौंदकरइसकोगईथींआँधियाँ
आपनेतन्हाबनायाहैमुझे
कुछतोहोंगीआपकीमज़बूरियाँ
हमचमनमेंफिरसेलाएँगेअमन
मन्दिरोंमस्ज़िदकीकरकेसन्धियाँ
  - Puneet Mishra Akshat
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