aur bazaar se kya le jaaun | और बाज़ार से क्या ले जाऊँ

  - Mohammad Alvi
औरबाज़ारसेक्यालेजाऊँ
पहलीबारिशकामज़ालेजाऊँ
कुछतोसौग़ातदूँघरवालोंको
रातआँखोंमेंसजालेजाऊँ
घरमेंसामाँतोहोदिलचस्पीका
हादिसाकोईउठालेजाऊँ
इकदियादेरसेजलताहोगा
साथथोड़ीसीहवालेजाऊँ
क्यूँँभटकताहूँग़लतराहोंमें
ख़्वाबमेंउसकापतालेजाऊँ
रोज़कहताहैहवाकाझोंका
तुझेदूरउड़ालेजाऊँ
आजफिरमुझसेकहादरियाने
क्याइरादाहैबहालेजाऊँ
घरसेजाताहूँतोकामआएँगे
एकदोअश्कबचालेजाऊँ
जेबमेंकुछतोरहेगा'अल्वी'
लाओतुमसबकीदु'आलेजाऊँ
  - Mohammad Alvi
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