Winning submission

अब तो अपने ही लिए हासिल नहीं
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल
संजय भट्ट

Sanjay Bhat

442 days ago

Rules and winning criteria

blue-down

All entries

आपकी मौजूदगी है आज कल
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

रख दिये हैं ताक पर दीवान सब
छुट्टियों पर शायरी है आज कल

सब दवाएँ कितनी महँगी हो गयीं
और सस्ता आदमी है आज कल

दिल जला के रौशनी करता हूँ मैं
तीरगी से दुश्मनी है आज कल

Abr

440 days ago

सोचता हूँ वक़्त को बर्बाद कर
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

Sarvjeet Singh

440 days ago

अहल-ए-दौलत से भी फिसलती है मुसलसल
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

Raman Raghav

441 days ago

वक्त कितना क़ीमती है आजकल की
मरे हुए को याद रखने के दीन बाँध रखे है

Krutika Sharma

441 days ago

عجب دو نین پاگل کر کے چھوڑا
میری راتوں کو ہلچل کر کے چھوڑا

Shaheen

441 days ago

याद के साँचे में ढलती है पल-पल
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

SACHIN DEO BURMAN

441 days ago

Mohabbat kudh aadaba Mohabbat sikha deti ha

mohdsayeed saifi

441 days ago

आप से मिलकर पता चलता नहीं
वक़्त कितना कीमती है आज कल

Sameer Khan

441 days ago

खर्च करके सोचता हूं अलबत्ता
वक्त कितना कीमती है आज कल

Akshay Sopori

441 days ago

याद तेरी ज़ेहन में है हर घड़ी
वक्त कितना कीमती है आज कल

Sakib ahmad

442 days ago

वक्त कितना कीमती है आजकल,
मोहलत नहीं मिलती है आजकल,
मैं दुनिया को किताबों में लोटाना चाहता हूं,
ये जो आधुनिकता में सिमटी है आजकल..!
-बाबा धुर्जटी

MANGELAL LUGRIA

442 days ago

लोग तकते हैं घड़ी को बार-बार
वक़्त कितना कीमती है आज-कल

MAHESH CHAUHAN NARNAULI

442 days ago

अब तो ख़ुद के वास्ते हासिल नहीं
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल
संजय भट्ट

Sanjay Bhat

442 days ago

पलक झपकते ही मानो रेत से है बना

siraz anwar

442 days ago

अब तो अपने ही लिए हासिल नहीं
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल
संजय भट्ट

Sanjay Bhat

442 days ago

अब तो अपने ही लिए हासिल नहीं
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल
.......संजय भट्ट

Sanjay Bhat

442 days ago

तुझे खोया तो उन दिनों जाना
कि वक़्त कितना कीमती है आज कल

Rahul Sangwan

442 days ago

ज़रा ज़रा लगा दिया इसको जानने में

Prakhar Srivastava

442 days ago

वक़्त कितना कीमती है आज कल
खुशनुमा ये जिंदगी है आज कल

DEEPAK CHATURVEDI

442 days ago

ग़म में सदियाँ और ख़ुशी का एक पल
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल

Praveen Sharma SHAJAR

442 days ago


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