mohabbat aur vo bhi be-adab ho | मोहब्बत और वो भी बे-अदब हो

  - Ankur Mishra
मोहब्बतऔरवोभीबे-अदबहो
कोईऐसानहींजिसकीतलबहो
अँधेराहैबहुतमानाअभीपर
ज़रूरीतोनहींक़ातिलयेशबहो
करेंआख़िरतमन्नाकोईक्यूँहम
येदिलबेचैनआख़िरक्यूँअहबहो
नज़रसबकररहीहैजबबयाँअब
लबोंसेशोरक्यूँफिरबे-सबबहो
नहींअपनाकोई'अंकुर'मगरइक
मुकम्मलख़्वाबहीजानावोअबहो
  - Ankur Mishra
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