hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ankur Mishra
KHvaab koii naya bo nahin paa.e ham
KHvaab koii naya bo nahin paa.e ham | ख़्वाब कोई नया बो नहीं पाए हम
- Ankur Mishra
ख़्वाब
कोई
नया
बो
नहीं
पाए
हम
पिछली
दो
रातों
से
सो
नहीं
पाए
हम
चाहा
तो
भूल
जाएँ
उसे
हम
मगर
चाह
कर
भी
कभी
रो
नहीं
पाए
हम
दर्द
होता
है
अब
याद
कर
ख़ुद
को
पर
साँस
तक
अपनी
इक
ढो
नहीं
पाए
हम
सैकड़ों
बार
मिलना
हुआ
उन
सेे
पर
एक
दोबारा
फिर
हो
नहीं
पाए
हम
जैसे
तैसे
बचाया
था
ख़ुद
को
मगर
दाग़
वो
इश्क़
का
धो
नहीं
पाए
हम
- Ankur Mishra
Download Ghazal Image
रात
तो
ये
गुज़र
जाने
देते
ये
नशा
तो
उतर
जाने
देते
हम
ने
कब
रक्खी
थी
शर्त
कोई
आँख
चाहे
ये
भर
जाने
देते
ख़ामख़ा
बे-वफ़ा
मैं
हुआ
यूँँ
अच्छा
था
मुझको
मर
जाने
देते
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
अब
कहीं
से
तो
शुरू
ये
सिलसिला
हो
इन
लबों
का
उन
लबों
से
राब्ता
हो
ख़्वाब
टूटे
हैं
कई
सपने
सजाते
बावफ़ा
कैसे
कोई
फिर
आइना
हो
एतिबार-ए-ग़म
मुझे
पहले
से
था
पर
काश
हो
ये
आख़िरी
अंकुर
सदा
हो
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
उसको
भी
मंज़ूर
सब
है
मुझको
भी
ज़ख़्म-ए-तलब
है
बे-वफ़ा
दोनों
हैं
फिर
भी
इश्क़
मेरा
बा-अदब
है
कर
गया
तन्हा
मुझे
जो
ख़ुद
अकेला
बेसबब
है
क्या
नहीं
पहलू
में
उसके
नाम
जिसका
दोस्त
रब
है
ख़त
लिखूँ
किस
नाम
से
मैं
मर्ज़
मरहम
पास
सब
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
1 Like
सुब्ह
से
शाम
हो
जाती
है
ज़िंदगी
आम
हो
जाती
है
सोचूँ
जब
भी
उसे
मैं
कभी
रात
बदनाम
हो
जाती
है
कैसे
उस
सेे
वफ़ा
मैं
करूँँ
प्यास
ये
ताम
हो
जाती
है
मुझ
सेे
मत
पूछो
हालत
मेरी
लड़की
बदनाम
हो
जाती
है
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
1 Like
खुश्क
आँखों
में
नम
ख़्वाब
थे
पिघले
से
जैसे
सैलाब
थे
नींद
आए
भी
तो
कैसे
अब
जागते
मुझ
में
अहबाब
थे
छोड़
दी
गलियाॅं
वो
मैंने
भी
सर-ब-सर
रस्ते
जो
आब
थे
शख़्स
था
इक
वो
जिसके
कई
थे
सुने
हमने
अलक़ाब
थे
Read Full
Ankur Mishra
Download Image
0 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Mashwara Shayari
Aam Shayari
Raushni Shayari
Jhooth Shayari
Crime Shayari