KHvaab koii naya bo nahin paa.e ham | ख़्वाब कोई नया बो नहीं पाए हम

  - Ankur Mishra
ख़्वाबकोईनयाबोनहींपाएहम
पिछलीदोरातोंसेसोनहींपाएहम
चाहातोभूलजाएँउसेहममगर
चाहकरभीकभीरोनहींपाएहम
दर्दहोताहैअबयादकरख़ुदकोपर
साँसतकअपनीइकढोनहींपाएहम
सैकड़ोंबारमिलनाहुआउनसेेपर
एकदोबाराफिरहोनहींपाएहम
जैसेतैसेबचायाथाख़ुदकोमगर
दाग़वोइश्क़काधोनहींपाएहम
  - Ankur Mishra
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