us rah-guzar se phir guzarne ke li.e | उस रह-गुज़र से फिर गुज़रने के लिए

  - Ankur Mishra
उसरह-गुज़रसेफिरगुज़रनेकेलिए
मरनापड़ेगाज़ख़्मभरनेकेलिए
ज़िंदाहूँअबतकबे-सबबमैंज़िंदगी
सदमायहीकाफ़ीहैमरनेकेलिए
इसतिश्नगीसेकबतलक़लड़तासनम
तैयारथावोभीमुकरनेकेलिए
इकआइनेसेपूछताहैआइना
क्याचाहिएअंकुरबिखरनेकेलिए
  - Ankur Mishra
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