meherbaan ho ke bula lo mujhe chaaho jis vaqt | मेहरबाँ हो के बुला लो मुझे चाहो जिस वक़्त

  - Mirza Ghalib
मेहरबाँहोकेबुलालोमुझेचाहोजिसवक़्त
मैंगयावक़्तनहींहूँकिफिरभीसकूँ
ज़ोफ़मेंताना-ए-अग़्यारकाशिकवाक्याहै
बातकुछसरतोनहींहैकिउठाभीसकूँ
ज़हरमिलताहीनहींमुझकोसितमगरवर्ना
क्याक़समहैतिरेमिलनेकीकिखाभीसकूँ
इसक़दरज़ब्तकहाँहैकभीभीसकूँ
सितमइतनातोकीजेकिउठाभीसकूँ
लगगईआगअगरघरकोतोअंदेशाक्या
शो'ला-ए-दिलतोनहींहैकिबुझाभीसकूँ
तुमआओगेतोमरनेकीहैंसौतदबीरें
मौतकुछतुमतोनहींहोकिबुलाभीसकूँ
हँसकेबुलवाइएमिटजाएगासबदिलकागिला
क्यातसव्वुरहैतुम्हाराकिमिटाभीसकूँ
  - Mirza Ghalib
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