dil miraa soz-e-nihaan se be-muhaaba jal gaya | दिल मिरा सोज़-ए-निहाँ से बे-मुहाबा जल गया

  - Mirza Ghalib
दिलमिरासोज़-ए-निहाँसेबे-मुहाबाजलगया
आतिश-ए-ख़ामोशकीमानिंदगोयाजलगया
दिलमेंज़ौक़-ए-वस्लयाद-ए-यारतकबाक़ीनहीं
आगइसघरमेंलगीऐसीकिजोथाजलगया
मैंअदमसेभीपरेहूँवर्नाग़ाफ़िलबार-हा
मेरीआह-ए-आतिशींसेबाल-ए-अन्क़ाजलगया
अर्ज़कीजेजौहर-ए-अंदेशाकीगर्मीकहाँ
कुछख़यालआयाथावहशतकाकिसहराजलगया
दिलनहींतुझकोदिखातावर्नादाग़ोंकीबहार
इसचराग़ाँकाकरूँँक्याकार-फ़रमाजलगया
मैंहूँऔरअफ़्सुर्दगीकीआरज़ू'ग़ालिब'किदिल
देखकरतर्ज़-ए-तपाक-ए-अहल-ए-दुनियाजलगया
ख़ानमान-ए-आशिक़ाँदुकान-ए-आतिश-बाज़है
शो'ला-रूजबहोगएगर्म-ए-तमाशाजलगया
ताकुजाअफ़सोस-ए-गरमी-हा-ए-सोहबतख़याल
दिलबा-सोज़-ए-आतिश-ए-दाग़-ए-तमन्नाजलगया
है'असद'बेगाना-ए-अफ़्सुर्दगीबेकसी
दिलज़-अंदाज़-ए-तपाक-ए-अहल-ए-दुनियाजलगया
दूदमेरासुंबुलिस्ताँसेकरेहैहम-सरी
बस-किशौक़-ए-आतिश-गुलसेसरापाजलगया
शम्अ-रूयाँकीसर-अंगुश्त-ए-हिनाईदेखकर
ग़ुंचा-ए-गुलपर-फ़िशाँपरवाना-आसाजलगया
  - Mirza Ghalib
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