dard se mere hai tujh ko be-qaraari haaye haaye | दर्द से मेरे है तुझ को बे-क़रारी हाए हाए

  - Mirza Ghalib
दर्दसेमेरेहैतुझकोबे-क़रारीहाएहाए
क्याहुईज़ालिमतिरीग़फ़लत-शिआरीहाएहाए
तेरेदिलमेंगरथाआशोब-ए-ग़मकाहौसला
तूनेफिरक्यूँँकीथीमेरीग़म-गुसारीहाएहाए
क्यूँँमिरीग़म-ख़्वार्गीकातुझकोआयाथाख़याल
दुश्मनीअपनीथीमेरीदोस्त-दारीहाएहाए
उम्रभरकातूनेपैमान-ए-वफ़ाबाँधातोक्या
उम्रकोभीतोनहींहैपाएदारीहाएहाए
ज़हरलगतीहैमुझेआब-ओ-हवा-ए-ज़िंदगी
या'नीतुझसेथीइसेना-साज़गारीहाएहाए
गुल-फ़िशानी-हा-ए-नाज़-ए-जल्वाकोक्याहोगया
ख़ाकपरहोतीहैतेरीलाला-कारीहाएहाए
शर्म-ए-रुस्वाईसेजाछुपनानक़ाब-ए-ख़ाकमें
ख़त्महैउल्फ़तकीतुझपरपर्दा-दारीहाएहाए
ख़ाकमेंनामूस-ए-पैमान-ए-मोहब्बतमिलगई
उठगईदुनियासेराह-ओ-रस्म-ए-यारीहाएहाए
हाथहीतेग़-आज़माकाकामसेजातारहा
दिलपेइकलगनेपायाज़ख़्म-ए-कारीहाएहाए
किसतरहकाटेकोईशब-हा-ए-तार-ए-बर्शिगाल
हैनज़रख़ू-कर्दा-ए-अख़्तर-शुमारीहाएहाए
गोशमहजूर-ए-पयामचश्म-ए-महरूम-ए-जमाल
एकदिलतिसपरयेना-उम्मीद-वारीहाएहाए
इश्क़नेपकड़ाथा'ग़ालिब'अभीवहशतकारंग
रहगयाथादिलमेंजोकुछज़ौक़-ए-ख़्वारीहाएहाए
  - Mirza Ghalib
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