hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Mehshar Afridi
chand gaz kii shehriyat kis kaam kii
chand gaz kii shehriyat kis kaam kii | चंद गज़ की शहरियत किस काम की
- Mehshar Afridi
चंद
गज़
की
शहरियत
किस
काम
की
उड़ना
आता
है
तो
छत
किस
काम
की
जब
तुम्हें
चेहरे
बदलने
का
है
शौक़
फिर
तुम्हारी
असलियत
किस
काम
की
पूछने
वाला
नहीं
कोई
मिजाज़
इस
क़दर
भी
ख़ैरियत
किस
काम
की
हम
भी
कपड़ों
को
अगर
तरजीह
दें
फिर
हमारी
शख़्सियत
किस
काम
की
- Mehshar Afridi
Download Ghazal Image
ग़म
की
दौलत
मुफ़्त
लुटा
दूँ
बिल्कुल
नहीं
अश्कों
में
ये
दर्द
बहा
दूँ
बिल्कुल
नहीं
तूने
तो
औक़ात
दिखा
दी
है
अपनी
मैं
अपना
मेयार
गिरा
दूँ
बिल्कुल
नहीं
एक
नजूमी
सबको
ख़्वाब
दिखाता
है
मैं
भी
अपना
हाथ
दिखा
दूँ
बिल्कुल
नहीं
मेरे
अंदर
इक
ख़ामोशी
चीखती
है
तो
क्या
मैं
भी
शोर
मचा
दूँ
बिल्कुल
नहीं
Read Full
Mehshar Afridi
Download Image
47 Likes
नेवला
और
साँप
दोनों
लड़ते
लड़ते
थक
गए
इक
तमाशा
कर
के
सब
पैसे
मदारी
ले
गया
Mehshar Afridi
Send
Download Image
0 Likes
मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
Send
Download Image
56 Likes
तेरे
बग़ैर
ही
अच्छे
थे
क्या
मुसीबत
है
ये
कैसा
प्यार
है
हर
दिन
जताना
पड़ता
है
Mehshar Afridi
Send
Download Image
78 Likes
हर
अँधेरा
रौशनी
में
लग
गया
जिसको
देखो
शा'इरी
में
लग
गया
हमको
मर
जाने
की
फ़ुर्सत
कब
मिली
वक़्त
सारा
ज़िन्दगी
में
लग
गया
अपना
मैख़ाना
बना
सकते
थे
हम
इतना
पैसा
मैकशी
में
लग
गया
ख़ुद
से
इतनी
दूर
जा
निकले
थे
हम
इक
ज़माना
वापसी
में
लग
गया
Read Full
Mehshar Afridi
Download Image
50 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Waqt Shayari
Kismat Shayari
Jeet Shayari
Terrorism Shayari
Aurat Shayari