pusht-e-pa maari bas-ki duniya par | पुश्त-ए-पा मारी बस-कि दुनिया पर

  - Meer Taqi Meer
पुश्त-ए-पामारीबस-किदुनियापर
ज़ख़्मपड़पड़गयामिरेपापर
डूबेउछलेहैआफ़्ताबहनूज़
कहींदेखाथातुझकोदरियापर
गिरोमयहूँआओशैख़शहर
अब्रझूमाहीजाहेसहरापर
दिलपरख़ूँतोथागुलाबीशराब
जीहीअपनाचलासहबापर
याँजहाँमेंकिशहर-ए-गोराँहै
सातपर्देहैंचश्म-ए-बीनापर
फ़ुर्सत-ए-ऐशअपनीयूँँगुज़री
किमुसीबतपड़ीतमन्नापर
तारुम-ए-ताकसेलहूटपका
संग-बाराँहुआहैमीनापर
'मीर'क्याबातउसकेहोंटोंकी
जीनादूभरहुआमसीहापर
  - Meer Taqi Meer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy