naqqaash dekh to main kya naqsh-e-yaar kheechaus shokh kam-numa ka nit intizaar kheecha | नक़्क़ाश देख तो मैं क्या नक़्श-ए-यार खींचा

  - Meer Taqi Meer
नक़्क़ाशदेखतोमैंक्यानक़्श-ए-यारखींचा
उसशोख़कम-नुमाकानितइंतिज़ारखींचा
रस्म-ए-क़लमरव-ए-इश्क़मतपूछकुछकिनाहक़
एकोंकीखालखींचीएकोंकोदारखींचा
थाबद-शराबसाक़ीकितनाकिरातमयसे
मैंनेजोहाथखींचाउननेकटारखींचा
मस्तीमेंशक्लसारीनक़्क़ाशसेखिंचीपर
आँखोंकोदेखउसकीआख़िरख़ुमारखींचा
जीखिंचरहेहैंऊधरआलमकाहोगाबलवा
गरशानेतूनेउसकीज़ुल्फ़ोंकातारखींचा
थाशबकिसेकसाएतेग़-ए-कशीदा-कफ़में
परमैंनेभीबग़लबग़लबे-इख़्तियारखींचा
फिरताहै'मीर'तोजोफाड़ेहुएगरेबाँ
किसकिससितम-ज़देनेदामाँयारखींचा
  - Meer Taqi Meer
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