kya kahiye kya rakhen hain ham tujh se yaar KHvaahish | क्या कहिए क्या रक्खें हैं हम तुझ से यार ख़्वाहिश

  - Meer Taqi Meer
क्याकहिएक्यारक्खेंहैंहमतुझसेयारख़्वाहिश
यकजानसदतमन्नायकदिलहज़ारख़्वाहिश
लेहाथमेंक़फ़सटुकसय्यादचलचमनतक
मुद्दतसेहैहमेंभीसैर-ए-बहारख़्वाहिश
नेकुछगुनहहैदिलकानेजुर्म-ए-चश्मइसमें
रखतीहैहमकोइतनाबे-इख़्तियारख़्वाहिश
हालाँकिउम्रसारीमायूसगुज़रीतिसपर
क्याक्यारखेंहैंउसकेउम्मीद-वारख़्वाहिश
ग़ैरतसेदोस्तीकीकिसकिससेहोजेदुश्मन
रखताहैयारीहीकीसारादयारख़्वाहिश
हममेहररज़क्यूँँकरख़ालीहोंआरज़ूसे
शेवायहीतमन्नाफ़नशिआरख़्वाहिश
उठतीहैमौजहरयकआग़ोशहीकीसूरत
दरियाकोहैयेकिसकाबोसकनारख़्वाहिश
सदरंगजल्वा-गरहैहरजादाग़ैरतगुल
आशिक़कीएकपावेक्यूँँकरक़रारख़्वाहिश
यकबारबरआएउससेउम्मीददिलकी
इज़हारकरतेकबतकयूँँबारबारख़्वाहिश
करतेहैंसबतमन्नापर'मीर'जीइतनी
रक्खेगीमारतुमकोपायान-ए-कारख़्वाहिश
  - Meer Taqi Meer
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