ishq kya kya aafatein laata raha | इश्क़ क्या क्या आफ़तें लाता रहा

  - Meer Taqi Meer
इश्क़क्याक्याआफ़तेंलातारहा
आख़िरअबदूरीमेंजीजातारहा
मेहरमहगुलफूलसबथेपरहमें
चेहरईचेहराहीवोभातारहा
दिलहुआकबइश्क़कीरहकादलील
मैंतोख़ुदगुमहीउसेपातारहा
मुँहदिखाताबरसोंवोख़ुश-रूनहीं
चाहकायूँँकबतलकनातारहा
कुछमैंसमझाजुनूनइश्क़में
देरनासेहमुझकोसमझातारहा
दाग़थाजोसरपेमेरेशम्असाँ
पाँवतकमुझकोवहीखातारहा
कैसेकैसेरुकगएहैं'मीर'हम
मुद्दतोंमुँहतकजिगरआतारहा
  - Meer Taqi Meer
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