falak ne gar kiya ruksat mujhe sair-e-bayaabaan ko | फ़लक ने गर किया रुख़्सत मुझे सैर-ए-बयाबाँ को

  - Meer Taqi Meer
फ़लकनेगरकियारुख़्सतमुझेसैर-ए-बयाबाँको
निकालासरसेमेरेजाएमूख़ार-ए-मुग़ीलाँको
वोज़ालिमभीतोसमझेकहरखाहैहमनेयाराँको
किगोरिस्तानसेगाड़ेंजुदाहमअहल-ए-हिज्राँको
नहींयेबेद-ए-मजनूँगर्दिश-ए-गरदून-ए-गर्दांने
बनायाहैशजरक्याजानिएकिसमूपरेशाँको
हुएथेजैसेमरजातेपरअबतोसख़्तहसरतहै
कियादुश्वारनादानीसेहमनेकार-ए-आसाँको
कहींनस्लआदमीकीउठजावेइसज़मानेमें
किमोतीआब-ए-हैवाँजानतेहैंआब-ए-इंसाँको
तुझेगिरचश्म-ए-इबरतहैतोआँधीऔरबगूलेसे
तमाशाकरग़ुबार-अफ़्शानीख़ाक-ए-अज़ीज़ाँको
लिबास-ए-मर्द-ए-मैदाँजौहर-ए-ज़ातीकिफ़ायतहै
नहींपिरोएपोशिशमा'रकेमेंतेग़-ए-उर्यांको
हवा-ए-अब्रमेंगर्मीनहींजोतूहोसाक़ी
दमअफ़्सुर्दाकरदेमुंजमिदरशहात-ए-बाराँको
जलेंहैंकबकीमिज़्गाँआँसुओंकीगर्म-जोशीसे
उसआब-ए-चश्मकीजोशिशनेआतिशदीनीस्ताँको
वोकाफ़िरइश्क़काहैदिलकिमेरीभीरग-ए-जाँतक
सदाज़ुन्नारहीतस्बीहहैउसना-मुसलमाँको
ग़ुरूर-ए-नाज़सेआँखेंखोलींइसजफ़ा-जूने
मिलापाँवतलेजबतकचश्म-ए-सद-ग़ज़ालाँको
सीचश्म-ए-तमाख़्वान-ए-फ़लकपरख़ाम-दसतीसे
किजाम-ए-ख़ूनदेहैहरसहरयेअपनेमेहमाँको
ज़ि-बससिर्फ़जुनूँमेरेहुआआहनअजबमतकर
होगरहल्क़ा-ए-दरख़ाना-ए-ज़ंजीर-साज़ाँको
बनेना-वाक़िफ़-ए-शादीअगरहमबज़्म-ए-इशरतमें
दहान-ए-ज़ख़म-ए-दिलसमझेजोदेखारू-ए-ख़ंदाँको
नहींरेग-ए-रवाँमजनूँकेदिलकीबे-क़रारीने
कियाहैमुज़्तरिबहरज़रा-ए-गर्द-ए-बयाबाँको
किसीकेवास्तेरूस्वा-ए-आलमहोपेजीमेंरख
किमाराजाएजोज़ाहिरकरेउसराज़-ए-पिन्हाँको
गिरीपड़तीहैबिजलीहीतभीसेख़िर्मनगुलपर
टकइकहंसमेरेरोनेपरकिदेखेतेरेदंदाँको
ग़ुरूर-ए-नाज़-ए-क़ातिलकोलिएजाहैकोईपूछे
चलातोसौंपकरकिसकेतईंउससैद-ए-बे-जाँको
वोतुख़्म-ए-सोख़्ताथेहमकिसर-सब्ज़ीकीहासिल
मिलायाख़ाकमेंदानानमतहसरतसेदहक़ाँको
हुआहूँगुंचा-ए-पज़मुर्दाआख़िरफ़स्लकातुझबिन
देबर्बादहसरतकुश्ता-ए-सर-दर-गरेबाँको
ग़म-ओ-अंदोह-ओ-बे-ताबीअलमबे-ताक़तीहिरमाँ
कहूँहम-नशींता-चंदग़म-हा-ए-फ़िरावाँको
गुल-ओ-सर्व-ओ-समनगिरजाएँगेमतसैर-ए-गुलशनकर
मिलामतख़ाकमेंउनबाग़केरा'नाजवानाँको
बहुतरोएजोहमयेआस्तींरखमुँहपेबिजली
चश्म-ए-कमसेदेखउसयादगार-ए-चश्म-ए-गिर्याँको
मिज़ाजउसवक़्तहैइकमतला-ए-ताज़ापेकुछमाइल
किबे-फ़िक्रसुख़नबनतीनहींहरगिज़सुख़न-दाँको
  - Meer Taqi Meer
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