daaman wasi'a tha to kahe ko chashm tarsa | दामन वसीअ था तो काहे को चश्म तरसा

  - Meer Taqi Meer
दामनवसीअथातोकाहेकोचश्मतरसा
रहमतख़ुदाकीतुझकोअब्रज़ोरबरसा
शायदकबाबकरकरखायाकबूतरउनने
नामाउड़ाफिरेहैउसकीगलीमेंपरसा
वहशीमिज़ाजअज़-बसमानूसबादयाहैं
उनकेजुनूँमेंजंगलअपनाहुआहैघरसा
जिसहाथमेंरहाकीउसकीकमरहमेशा
उसहाथमारनेकासरपरबंधाहैकरसा
सबपेचकीयेबातेंहैंशाइरोंकीवर्ना
बारीकऔरनाज़ुकमूकबहैउसकमरसा
तर्ज़-ए-निगाहउसकीदिललेगईसभोंके
क्यामोमिनबरहमनक्यागब्रऔरतरसा
तुमवाकि़फ़-ए-तरीक़-ए-बेताक़तीनहींहो
याँराह-ए-दो-क़दमहैअबदूरकासफ़रसा
कुछभीमआशहैयेकीउननेएकचश्मक
जबमुद्दतोंहमाराजीदेखनेकोतरसा
टुकतर्क-ए-इश्क़करिएलाग़रबहुतहुएहम
आधानहींरहाहैअबजिस्म-ए-रंज-फ़र्सा
वाइज़कोयेजलनहैशायदकिफ़रबहीसे
रहताहैहौज़हीमेंअक्सरपड़ामगरसा
अंदाज़सेहैपैदासबकुछख़बरहैउसको
गो'मीर'बे-सर-ओ-पाज़ाहिरहैबे-ख़बरसा
  - Meer Taqi Meer
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