ab haal apna us ke hai dil-khwaah | अब हाल अपना उस के है दिल-ख़्वाह

  - Meer Taqi Meer
अबहालअपनाउसकेहैदिल-ख़्वाह
क्यापूछतेहोअल्हम्दुलिल्लाह
मरजाओकोईपर्वानहींहै
कितनाहैमग़रूरअल्लाहअल्लाह
पीर-ए-मुग़ाँसेबे-ए-तिक़ादी
असतग़्फ़फ़िरुल्लाहअसतग़्फ़िरुल्लाह
कहतेहैंउसकेतूमुँहलगेगा
होयूँँहीयारबजूँहैयेअफ़्वाह
हज़रतसेउसकीजानाकहाँहै
अबमररहेगायाँबंदादरगाह
सबअक़्लखोएहैराह-ए-मोहब्बत
होख़िज़्रदिलमेंकैसाहीगुमराह
मुजरिमहुएहमदिलदेकेवर्ना
किसकोकसोसेहोतीनहींचाह
क्याक्यारीझेंतुमनेपचाईं
अच्छारिझायामेहरबाँआह
गुज़रेहैदेखेंक्यूँँकरहमारी
उसबे-वफ़ासेनेरस्मनेराह
थीख़्वाहिश-ए-दिलरखनाहमाइल
गर्दनमेंउसकीहरगाह-ओ-बे-गाह
उसपरकिथावोशह-ए-रगसेअक़रब
हरगिज़पहुँचायेदस्त-ए-कोताह
हैमा-सिवाक्याजो'मीर'कहिए
आगाहसारेउससेहैंआगाह
जल्वेहैंउसकेशानेंहैंउसकी
क्यारोज़क्याख़ोरक्यारातक्यामाह
ज़ाहिरकिबातिनअव्वलकिआख़िर
अल्लाहअल्लाहअल्लाहअल्लाह
  - Meer Taqi Meer
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