fakat barsaat men dariyaa ko sehra se guzarna hai | फ़कत बरसात में दरिया को सहरा से गुज़रना है

  - Meenakshi Masoom
फ़कतबरसातमेंदरियाकोसहरासेगुज़रनाहै
परिंदोंकोयहाँफिरसालभरप्यासाहीमरनाहै
मुहब्बतमेंकिसीहदतकसयानीहोगईहूँमैं
मुझेमालूमहैअबक्यूँकहाँकैसेमुकरनाहै
नसीम-ए-सुब्हसिरअपनातेरेशानेपेरखलूँतो
सितमगरवक़्तनेऐसेमेंतेज़ीसेगुज़रनाहै
कभीख़्वाब-ए-सहरलिपटीरहूँसीनेसेमैंतेरे
बदलकरकरवटेंतूनेमुझेबेदारकरनाहै
ज़रूरीयूँँहैतेरेनामकोलिखनाहथेलीपर
कितेरेनामसेहीरंगमेहँदीकानिखरनाहै
मुसलसलचाहतेंबरसाकेअबतेरेलबोंनेही
मुहब्बतसेमेरेबंजरलबोंकोसब्ज़करनाहै
मुझेइकसाँसभीतुझसेेअलगरहकरनहींलेनी
तेरेहीसाथरहनासाथजीनासाथमरनाहै
  - Meenakshi Masoom
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