tum ne jo insaan hokar baat insaani nahin kii | तुम ने जो इंसान होकर बात इंसानी नहीं की

  - Meenakshi Masoom
तुमनेजोइंसानहोकरबातइंसानीनहींकी
करतोसकतेथेकोईहरकतजोशैतानीनहींकी
क्यूँहमेंबुनियादहोनेकीग़लत-फ़हमीरहीये
क्यूँहमारेदिलनेसारीउम्रमनमानीनहींकी
पासकोईजोसुनानेकेलिएक़िस्सानहींहै
होरहाअफ़सोसयेक्यूँहमनेनादानीनहींकी
धूपमेंइकपेड़कासायामुयस्सरहोगयातो
बादलोंकीछाँवकीहरवक़्तनिगरानीनहींकी
जोचराग़ोंकीतरहजलतेरहेउसरातकोहम
तोख़ुदानेभीहवाउसरोज़तूफ़ानीनहींकी
राज़सारेखुलगएनाकामदिलकेतबहमारे
दिल-जलेकीबातपरजबहमनेहैरानीनहींकी
हमनेइक'मासूम'कोजबबेचतेदेखाखिलौने
फिरकभीहरकतहमारेदिलनेबचकानीनहींकी
  - Meenakshi Masoom
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