adavat haath ke patthar ne sheeshe se nibhaani hai | अदावत हाथ के पत्थर ने शीशे से निभानी है

  - Meenakshi Masoom
अदावतहाथकेपत्थरनेशीशेसेनिभानीहै
मेरेहीअक्सकोमुझसेज़रासीबद-गुमानीहै
गुज़ारीहादसेकेसाथमैंनेज़िन्दगीपूरी
बुरीइकयादमेरेज़ेहनसेमुझकोमिटानीहै
मेरेसचबोलनेसेसबकेसबहोंगेख़फ़ायानी
मुझेनाराज़गीख़ामोशरहकरहीजतानीहै
बहुतज़्यादाज़रूरतहैमुझेरूमालकीतेरे
मुझेमेरेग़मोंकीगर्दचेहरेसेहटानीहै
हवाओंकीशरारतदेखलेअबग़ौरसेतूभी
इन्हेंबसफूलपरबैठीहुईतितलीउड़ानीहै
तेरीतस्वीरअपनेहाथसेमैंनेबनाईजो
मुझेवोरातदिनहररोज़सीनेसेलगानीहै
नदीचाहतभरीजोकोहसारोंसेलगीबहने
उसेतोतिश्नगीखारेसमुंदरकीबुझानीहै
  - Meenakshi Masoom
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