zameen ka kad bhi baunaa ho gaya hai | ज़मीं का क़द भी बौना हो गया है

  - Meena Bhatt
ज़मींकाक़दभीबौनाहोगयाहै
फ़लकवादोंकाऊँचाहोगयाहै
जिधरदेखोउधरछींटेहीछींटे
येकिसकाख़ूनसस्ताहोगयाहै
नहींपहचानताकोईहमेंअब
हमाराहालकैसाहोगयाहै
झुकाताहैज़मानाशीशअपना
अजबकुर्सीकारुतबाहोगयाहै
नहींपरवाहकरतेहमकिसीकी
ख़ुदासअपनारिश्ताहोगयाहै
भटकतान्यायकीख़ातिरयेइंसाँ
भलाइंसाफ़कोक्याहोगयाहै
समुन्दरसेगलेमिलतेहीदेखो
नदीकाजलभीखाराहोगयाहै
दु'आमाँबापकीमुझपेहैशायद
बुलंदीपेसिताराहोगयाहै
बहुतउम्दाग़ज़लकीशायराथी
तुझेक्याआजमीनाहोगयाहै
  - Meena Bhatt
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