chahti hooñ ki main saj dhaj ke dobaara nikloon | चाहती हूँ कि मैं सज धज के दुबारा निकलूँ

  - Meena Bhatt
चाहतीहूँकिमैंसजधजकेदुबारानिकलूँ
बंदिशेंतोडदूँसारीमैंसरापानिकलूँ
हमसफ़रमौतबनेपासवोमेरेआए
मैंभीकाँधोंपेकभीबनकेजनाज़ानिकलूँ
ख़्वाहिशेंमेरीतोअबपूरीकहाँहोतीहैं
हुस्नकीबज़्मसेहरदमहीमैंतन्हानिकलूँ
ज़ुल्महोतेबडे़देखोयहाँइंसानोंपर
मैंभीलोगोंकोकभीदेकेदिलासानिकलूँ
मारडालेगीहमेंयूँँतोयेउल्फ़तबेशक़
प्यारकादिलमेंमगरलेकेख़ज़ानानिकलूँ
राज़सीनेमेंदबाकरमैंतड़पतीहूँक्यूँ
अबहक़ीक़तकामैंकरकेहीखुलासानिकलूँ
लफ़्ज़सीनेमेंलिएबज़्मसेअक़्सरआई
क्यूँँमहफ़िलमेंग़ज़लकहकेमैंमीनानिकलूँ
  - Meena Bhatt
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