sirf raahon men jo apne ko na uljha rakhe | सिर्फ़ राहों में जो अपने को न उलझा रक्खे

  - Meena Bhatt
सिर्फ़राहोंमेंजोअपनेकोउलझारक्खे
पातामंज़िलहैवहीसोचकोआलारक्खे
प्यासमेरीतूबुझानेकोदेमीठापानी
चाहेबेशकहीसमुन्दरकोतूखारारक्खे
जुस्तजूमुझकोदौलतहीशोहरतकीहै
बसतमन्नाहैयहीचैनसेमौलारक्खे
चाहेजाएवोजहाँउसकोहैमिलतीइज़्ज़त
साथअपनेजोमुहब्बतकाख़ज़ानारक्खे
गाँठरक्खेजोदिलमेंकभीदेधोखा
दोस्तऐसाहोकिवोज़ीस्तकोमहकारक्खे
नामहोताहैज़मानेमेंउसीकारौशन
वोजोहरहालमेंसरमुल्ककाऊँचारक्खे
काशमीनाकीग़ज़लयादकरेयहदुनिया
मीर-ओ-ग़ालिबसाकोईकहनेकोमिसरारक्खे
  - Meena Bhatt
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy