nahin chaan | नहीं चाँदी में रहती है न वो सोने में रहती है

  - Meena Bhatt
नहींचाँदीमेंरहतीहैवोसोनेमेंरहतीहै
वोदिलकशचाँदनीइसक़ल्बकेटुकड़ेमेंरहतीहै
येदौलतक्यूँसदाज़रदारकेहिस्सेमेंरहतीहै
ग़रीबीक्यूँभलाहमजैसोंकेखातेमेंरहतीहै
शराफ़तनामकीभीआजकलढूँढेनहींमिलती
यहाँतहज़ीबसारीहीफ़क़तशजरेमेंरहतीहै
अज़लसेप्यारकादुश्मनरहाहैयेज़मानाक्यूँ
मोहब्बतभीहमेशाइसलिएचर्चेमेंरहतीहै
कभीघबरातूनाकामियोंसेज़ीस्तकीअपनी
छुपीयेक़ामयाबीतोइसीमलबेमेंरहतीहै
बहकतीयेजवानीमुफ़्तमेंदेतीहैजाँअपनी
ख़राबीबसयहीतोइश्क़केनश्शेमेंरहतीहै
यहाँदहशतहैनफ़रतभीनहींमहफ़ूज़है'मीना'
हमारीज़ीस्तहरपलक्यूँयहाँख़तरेमेंरहतीहै
  - Meena Bhatt
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