baat ghar kii jahaan tak pahunchee | बात घर की जहान तक पहुँची

  - Meena Bhatt
बातघरकीजहानतकपहुँची
औरफिरआसमानतकपहुँची
शा'इरीतबशबाबपरआई
जबतुम्हारीज़बानतकपहुँची
यूँँतोहरइम्तिहाँसेगुज़रेहम
ज़िंदगीअबथकानतकपहुँची
उसकोअपनापतादियामगर
मौतफिरभीमकानतकपहुँची
येसफ़रआख़िरीसफ़रठहरा
ज़ीस्तआख़िरमसानतकपहुँची
ख़ाकमेंमिलगईबनीइज़्ज़त
घरकीरौनक़दुकानतकपहुँची
ख़्वाहिशेंदफ़्नहोगईंसारी
ख़ाकजबख़ाकदानतकपहुँची
हाथख़ालीगयासिकंदरभी
बातजबआनबानतकपहुँची
रातभरसोचतीरही'मीना'
क्याग़ज़लपायदानतकपहुँची
  - Meena Bhatt
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy