मैं तेरी राह में पलकें बिछा के बैठी हूँ

  - Meena Bhatt
मैंतेरीराहमेंपलकेंबिछाकेबैठीहूँ
निगाह-ए-आमसेख़ुदकोचुराकेबैठीहूँ
भरोसाहैनहींमुझकोयहाँकिसीपरभी
मैंअपनीख़ुदहीयेमैयतसजाकेबैठीहूँ
कभीख़ुशीकीसहरहमनेतोनहींदेखी
वजूदख़ुदहीमैंअपनामिटाकेबैठीहूँ
वफ़ाकानाम-ओ-निशाँअबकहाँहैदुनियामें
मैंअपनेइश्क़कीक़ीमतचुकाकेबैठीहूँ
कहाँनसीबनिवालेहुएथेबच्चोंको
उन्हेंमैंलोरियाँगाकेसुलाकेबैठीहूँ
ख़रीदसकतानहींकोईभीमेराईमाँ
ज़मीरइसलिएअपनाजगाकेबैठीहूँ
ख़िज़ांकाकोईहमेंख़ौफ़अबनहींमीना
मैंअपनेघरमेंबहारोंकोलाकेबैठीहूँ
  - Meena Bhatt
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