jaam nazron ke jo chalakao to phir she'r kahein | जाम नज़रों के जो छलकाओ तो फिर शे'र कहें

  - Meena Bhatt
जामनज़रोंकेजोछलकाओतोफिरशे'रकहें
ख़्वाबहमकोहसींदिखलाओतोफिरशे'रकहें
लौटकरदिननहींक्यूँँआतेहैंफिरबचपनके
येपहेलीकोईसुलझाओतोफिरशे'रकहें
ज़ख़्मसारेयेनिशानीहैंमेरीउल्फ़तके
तुमकभीदिलमेराबहलाओतोफिरशे'रकहें
ज़िन्दगीकीहैजोबगियाबड़ीफीकी-फीकी
इसकोतुमप्यारसेमहकाओतोफिरशे'रकहे
जबभीमिलतेथेझुकालेतेथेनज़रेंअपनी
आजफिरवैसेहीशरमाओतोफिरशे'रकहें
बेसबबबातबनातेहैंवोअबमिलनेपर
राज़येइश्क़कासमझाओतोफिरशे'रकहें
दिलमेंउम्मीदकादीपकभीजलादोमीना
ग़मग़रीबोंकेदहकाओतोफिरशे'रकहें
  - Meena Bhatt
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