achchhii soorat dekh fisal jaata hooñ main | अच्छी सूरत देख फिसल जाता हूँ मैं

  - Meena Bhatt
अच्छीसूरतदेखफिसलजाताहूँमैं
जबभीदेखूँचाँदमचलजाताहूँमैं
देखबग़ावतअकसरबीबीबच्चेकी
घरसेबाहरयारनिकलजाताहूँमैं
राहअकेलेचलनेमेंघबराताहूँ
छूटामाँकाहाथकुचलजाताहूँमैं
ढ़ाईआखरप्रेमपढ़ाहैजीवनमें
आगदिलोंमेंदेखसँभलजाताहूँमैं
एकनदीसूखीसाहैजीवनमेरा
औरग़मोंकेसंगपिघलजाताहूँमैं
साथहमेशासबकादेताहीरहता
वक़्तबुराहोगरबदलजाताहूँमैं
राहतमिलतीहैग़ज़लोंसेहीमीना
अपनीग़ज़लोंमेंबसढ़लजाताहूँमैं
  - Meena Bhatt
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