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Meem Maroof Ashraf
jin pe ham jaan-o-dil se marte hain
jin pe ham jaan-o-dil se marte hain | जिन पे हम जान-ओ-दिल से मरते हैं
- Meem Maroof Ashraf
जिन
पे
हम
जान-ओ-दिल
से
मरते
हैं
वो
ही
हम
को
उदास
करते
हैं
- Meem Maroof Ashraf
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पहले
तो
वो
हाथ
पकड़कर
कमरे
से
बाहर
लाया
और
फिर
मुझको
इस
दुनिया
में
यार
अकेला
छोड़
गया
Tanoj Dadhich
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मैं
अँधेरों
से
बचा
लाया
था
अपने
आप
को
मेरा
दुख
ये
है
मिरे
पीछे
उजाले
पड़
गए
Rahat Indori
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ईद
ख़ुशियों
का
दिन
सही
लेकिन
इक
उदासी
भी
साथ
लाती
है
ज़ख़्म
उभरते
हैं
जाने
कब
कब
के
जाने
किस
किस
की
याद
आती
है
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Farhat Ehsaas
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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एक
दुख
ये
के
तू
मिलने
नहीं
आया
मुझ
सेे
एक
दुख
ये
के
उस
दिन
मेरा
घर
ख़ाली
था
Tehzeeb Hafi
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सीधा-साधा
डाकिया
जादू
करे
महान
एक
ही
थैले
में
भरे
आँसू
और
मुस्कान
Nida Fazli
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
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ख़ुदा
को
मान
कि
तुझ
लब
के
चूमने
के
सिवा
कोई
इलाज
नहीं
आज
की
उदासी
का
Zafar Iqbal
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अब
उदास
फिरते
हो
सर्दियों
की
शामों
में
इस
तरह
तो
होता
है
इस
तरह
के
कामों
में
Shoaib Bin Aziz
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हम
जो
बद-बख़्त
छाँव
में
बैठें
सारे
पत्ते
शजर
से
झड़
जाएँ
Meem Maroof Ashraf
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क़ुर्बतें
दूरियों
का
बा'इस
हैं
दूरियाँ
क़ुर्बतें
बढ़ाती
हैं
Meem Maroof Ashraf
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अक़्ल
कहती
है
कि
सौदा
है
ज़ियाँ
का
और
तुझे
दिल
बे
तहाशा
चाहता
है
Meem Maroof Ashraf
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जब
भी
चूमा
है
तेरे
होंटों
को
जिस्म
से
इन
को
जुदा
जाना
है
Meem Maroof Ashraf
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कैसे
समझोगे
तुम
हमारा
दुख
है
हमारा,
नहीं
तुम्हारा
दुख
जितना
चाहो
अता
किए
जाओ
आज
कल
है
हमें
गवारा
दुख
एक
दो
दुख
अगर
हो
कैसा
दुख
हम
को
हैं
एक
सौ
अठारह
दुख
अब
के
आना
तो
फिर
नहीं
जाना
और
देना
न
अब
ख़ुदारा
दुख
शादमाँ-दिल
ये
ख़ाक
समझेंगे
किस
क़दर
होता
है
ये
प्यारा
दुख
कोई
तो
दुख
का
हो
मिरे
साथी
तन्हा
फिरता
है
मारा
मारा
दुख
देख
कर
मुझ
को
लोग
कहते
हैं
है
मुझे
आज
भी
तुम्हारा
दुख
कुछ
ख़ुदा
उस
को
भी
दिया
होता
क्या
कि
हम
पर
ही
सब
उतारा
दुख
दुख
से
'अशरफ़'
दुखी
हो
के
हम
ने
ज़ोर
से
आख़िरश
पुकारा
दुख
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Meem Maroof Ashraf
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