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Meem Maroof Ashraf
apne gham men udaas ham hi the
apne gham men udaas ham hi the | अपने ग़म में उदास हम ही थे
- Meem Maroof Ashraf
अपने
ग़म
में
उदास
हम
ही
थे
कौन
था
अपने
पास
हम
ही
थे
- Meem Maroof Ashraf
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मुझे
ये
डर
है
तेरी
आरज़ू
न
मिट
जाए
बहुत
दिनों
से
तबीअत
मिरी
उदास
नहीं
Nasir Kazmi
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दुख
तो
बहुत
मिले
हैं
मोहब्बत
नहीं
मिली
यानी
कि
जिस्म
मिल
गया
औरत
नहीं
मिली
मुझको
पिता
की
आँख
के
आँसू
तो
मिल
गए
मुझको
पिता
से
ज़ब्त
की
आदत
नहीं
मिली
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Abhishar Geeta Shukla
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ग़म-ए-हयात
ने
आवारा
कर
दिया
वर्ना
थी
आरज़ू
कि
तिरे
दर
पे
सुब्ह
ओ
शाम
करें
Majrooh Sultanpuri
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ग़म-ए-ज़माना
ने
मजबूर
कर
दिया
वर्ना
ये
आरज़ू
थी
कि
बस
तेरी
आरज़ू
करते
Akhtar Shirani
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लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
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Azm Shakri
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दुख
कम
मिलें
इस
साल
तुमको
उस
बरस
से
ये
साल
तुमको
हौसला
दे
ये
दु'आ
है
Siddharth Saaz
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जानता
हूँ
एक
ऐसे
शख़्स
को
मैं
भी
'मुनीर'
ग़म
से
पत्थर
हो
गया
लेकिन
कभी
रोया
नहीं
Muneer Niyazi
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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अपने
दीवाने
को
देकर
दर्द
ओ
ग़म
नाज़
ख़ुद
पे
किस
क़दर
करता
है
वो
Ajeetendra Aazi Tamaam
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यही
बहुत
है
मिरे
ग़म
में
तुम
शरीक
हुए
मैं
हॅंस
पड़ूँगा
अगर
तुमने
अब
दिलासा
दिया
Imran Aami
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जो
हसीं
जिस्म
खा
रहा
है
तिरा
क्या
वो
दुल्हन
बनाएगा
तुझ
को
Meem Maroof Ashraf
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उसे
भी
था
मुझे
बर्बाद
करना
मुझे
भी
इक
फ़साना
चाहिए
था
Meem Maroof Ashraf
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न
पूछो
मुझ
से
तुम
उस
नाज़नीं
का
अजंता
की
सी
मूरत
लग
रही
थी
वो
ख़ुद
भी
देख
कर
हैराँ
थी
ख़ुद
को
कल
इतनी
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
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Meem Maroof Ashraf
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अब
न
दोबारा
पलट
कर
आना
तेरा
जाना
नहीं
देखा
जाता
Meem Maroof Ashraf
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कैसे
समझोगे
तुम
हमारा
दुख
है
हमारा,
नहीं
तुम्हारा
दुख
जितना
चाहो
अता
किए
जाओ
आज
कल
है
हमें
गवारा
दुख
एक
दो
दुख
अगर
हो
कैसा
दुख
हम
को
हैं
एक
सौ
अठारह
दुख
अब
के
आना
तो
फिर
नहीं
जाना
और
देना
न
अब
ख़ुदारा
दुख
शादमाँ-दिल
ये
ख़ाक
समझेंगे
किस
क़दर
होता
है
ये
प्यारा
दुख
कोई
तो
दुख
का
हो
मिरे
साथी
तन्हा
फिरता
है
मारा
मारा
दुख
देख
कर
मुझ
को
लोग
कहते
हैं
है
मुझे
आज
भी
तुम्हारा
दुख
कुछ
ख़ुदा
उस
को
भी
दिया
होता
क्या
कि
हम
पर
ही
सब
उतारा
दुख
दुख
से
'अशरफ़'
दुखी
हो
के
हम
ने
ज़ोर
से
आख़िरश
पुकारा
दुख
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Meem Maroof Ashraf
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